ओम श्वास

Pranava Pranayama
शुरुआती

एक प्राचीन कंपन श्वास अभ्यास जो श्वास छोड़ते समय ओम (AUM) के जप का उपयोग करता है; माना जाता है कि यह वेगस तंत्रिका को उत्तेजित करता है, और कई लोग इसे एकाग्रता में सहायक तथा पूरे शरीर में अनुनाद पैदा करने वाला पाते हैं।

फोकस
निःश्वास पर जप
गति
गहरी श्वास, लंबी जप निःश्वास
तंत्रिका तंत्र
अक्सर शांत और केंद्रित
सत्र
अभ्यास के आरंभ या समापन में
कब उपयोग करें
ध्यान और केंद्रीकरण
मुद्राएं
ध्यान में बैठकर

गाइडेड टाइमर: ओम श्वास

लय (सेकंड में): साँस लें 4 · साँस छोड़ें 8

शुरू करें

6 में से राउंड 1

धीरे-धीरे साँस लें और ज़ोर न लगाएँ। चक्कर या असहजता हो तो रुकें और सामान्य रूप से साँस लें।

ऐप में और: दूसरी तकनीकें और ध्वनि संकेत →

कैसे करें ओम श्वास

  1. सुखासन या पद्मासन में रीढ़ सीधी करके आराम से बैठें
  2. नाक से 4-6 सेकंड में धीरे-धीरे गहरी सांस लें
  3. सांस छोड़ते हुए मुंह थोड़ा खोलें और पेट में कंपन महसूस करते हुए 'अ' (आह) की ध्वनि करें
  4. धीरे-धीरे 'उ' (ऊ) की ध्वनि में बदलें, अनुनाद को छाती में ऊपर उठने दें
  5. होंठ बंद करें और ध्वनि को 'म' (म्म्म) में बदलने दें, सिर में कंपन महसूस करें
  6. 'म' के विलीन होने के बाद कुछ क्षणों के लिए मौन में रहें, फिर दोहराएं
सावधानियां:

सभी साधकों के लिए सुरक्षित।

आसन

Related Techniques