हर चक्र का संस्कृत नाम, शरीर में स्थान, तत्व, रंग, बीज मंत्र और पंखुड़ियों की संख्या — साथ ही वे आसन, प्राणायाम और मुद्रा जो यह साइट उसके साथ जोड़ती है।
चक्र (संस्कृत: "पहिया") उन ऊर्जा केंद्रों में से एक है जिन्हें योग परंपरा रीढ़ के साथ, आधार से सिर के शीर्ष तक मानती है। सात चक्रों की शास्त्रीय प्रणाली मध्यकालीन हठ और तंत्र ग्रंथों से आती है; इंद्रधनुष के रंग आधुनिक (20वीं सदी की) परिपाटी हैं। यह चार्ट सातों चक्रों को वैसे ही सूचीबद्ध करता है जैसे आज अधिकांश योग कक्षाओं में सिखाए जाते हैं, साथ में वह श्वास, आसन और हस्त मुद्रा जो यह साइट हर चक्र के साथ जोड़ती है।
सात चक्र कौन से हैं?
मूल से शीर्ष तक: मूल चक्र (मूलाधार) (Muladhara), स्वाधिष्ठान चक्र (Svadhisthana), मणिपुर चक्र (सोलर प्लेक्सस) (Manipura), अनाहत चक्र (हृदय चक्र) (Anahata), विशुद्ध चक्र (कंठ चक्र) (Vishuddha), आज्ञा चक्र (तीसरी आँख) (Ajna), सहस्रार चक्र (शीर्ष चक्र) (Sahasrara)।
मूल चक्र (मूलाधार) कहाँ है?
मूल चक्र (मूलाधार) (Muladhara) रीढ़ का आधार, मूलाधार क्षेत्र (पेरिनियम) पर स्थित है। इसका तत्व पृथ्वी है, रंग लाल है और बीज मंत्र LAM (लं) है।
स्वाधिष्ठान चक्र कहाँ है?
स्वाधिष्ठान चक्र (Svadhisthana) पेट का निचला भाग, नाभि के नीचे पर स्थित है। इसका तत्व जल है, रंग नारंगी है और बीज मंत्र VAM (वं) है।
मणिपुर चक्र (सोलर प्लेक्सस) कहाँ है?
मणिपुर चक्र (सोलर प्लेक्सस) (Manipura) नाभि, सोलर प्लेक्सस पर स्थित है। इसका तत्व अग्नि है, रंग पीला है और बीज मंत्र RAM (रं) है।
अनाहत चक्र (हृदय चक्र) कहाँ है?
अनाहत चक्र (हृदय चक्र) (Anahata) छाती का मध्य पर स्थित है। इसका तत्व वायु है, रंग हरा है और बीज मंत्र YAM (यं) है।
चक्रों के रंग क्रम से क्या हैं?
मूलाधार लाल, स्वाधिष्ठान नारंगी, मणिपुर पीला, अनाहत हरा, विशुद्ध नीला, आज्ञा गहरा नीला (नील), सहस्रार बैंगनी या सफ़ेद — यह आधुनिक इंद्रधनुष परिपाटी है, शास्त्रीय नहीं।
ईमानदार टिप्पणी: चक्र योग परंपरा का एक नक्शा हैं, शारीरिक संरचना की खोज नहीं, और इसका कोई नैदानिक प्रमाण नहीं है कि कोई आसन या श्वास किसी चक्र को "खोलता" है। यह नक्शा शरीर के क्षेत्र और ध्यान के आधार पर अभ्यास को व्यवस्थित करने के काम आता है — यहाँ इसका यही उपयोग किया गया है।