चक्र चार्ट — सात चक्र (Chakra)

हर चक्र का संस्कृत नाम, शरीर में स्थान, तत्व, रंग, बीज मंत्र और पंखुड़ियों की संख्या — साथ ही वे आसन, प्राणायाम और मुद्रा जो यह साइट उसके साथ जोड़ती है।

चक्र (संस्कृत: "पहिया") उन ऊर्जा केंद्रों में से एक है जिन्हें योग परंपरा रीढ़ के साथ, आधार से सिर के शीर्ष तक मानती है। सात चक्रों की शास्त्रीय प्रणाली मध्यकालीन हठ और तंत्र ग्रंथों से आती है; इंद्रधनुष के रंग आधुनिक (20वीं सदी की) परिपाटी हैं। यह चार्ट सातों चक्रों को वैसे ही सूचीबद्ध करता है जैसे आज अधिकांश योग कक्षाओं में सिखाए जाते हैं, साथ में वह श्वास, आसन और हस्त मुद्रा जो यह साइट हर चक्र के साथ जोड़ती है।

चक्र चार्ट

#चक्रस्थानतत्वरंगबीज मंत्रपंखुड़ियाँ
7 सहस्रार चक्र (शीर्ष चक्र) symbol सहस्रार चक्र (शीर्ष चक्र)
Sahasrara
सिर का शीर्ष चेतना (तत्वों से परे) बैंगनी / सफ़ेद ॐ मौन (या OM) 1,000
6 आज्ञा चक्र (तीसरी आँख) symbol आज्ञा चक्र (तीसरी आँख)
Ajna
भौंहों के बीच प्रकाश / मन (पाँच तत्वों से परे) गहरा नीला (नील) ॐ OM (ॐ) 2
5 विशुद्ध चक्र (कंठ चक्र) symbol विशुद्ध चक्र (कंठ चक्र)
Vishuddha
कंठ (गला) आकाश (ईथर) नीला हं HAM (हं) 16
4 अनाहत चक्र (हृदय चक्र) symbol अनाहत चक्र (हृदय चक्र)
Anahata
छाती का मध्य वायु हरा यं YAM (यं) 12
3 मणिपुर चक्र (सोलर प्लेक्सस) symbol मणिपुर चक्र (सोलर प्लेक्सस)
Manipura
नाभि, सोलर प्लेक्सस अग्नि पीला रं RAM (रं) 10
2 स्वाधिष्ठान चक्र symbol स्वाधिष्ठान चक्र
Svadhisthana
पेट का निचला भाग, नाभि के नीचे जल नारंगी वं VAM (वं) 6
1 मूल चक्र (मूलाधार) symbol मूल चक्र (मूलाधार)
Muladhara
रीढ़ का आधार, मूलाधार क्षेत्र (पेरिनियम) पृथ्वी लाल लं LAM (लं) 4

मूल से शीर्ष तक: 1 → 7

सात चक्र

मूल चक्र (मूलाधार) (Muladhara): 4-petalled lotus, bija LAM (लं)

1. मूल चक्र (मूलाधार)

Mūlādhāra · जड़ का आधार

स्थान
रीढ़ का आधार, मूलाधार क्षेत्र (पेरिनियम)
तत्व
पृथ्वी
रंग
लाल
बीज मंत्र
लं LAM (लं)
पंखुड़ियाँ
4
इंद्रिय
गंध
संबंधित गुण
जमीन से जुड़ाव, स्थिरता, सुरक्षा

अभ्यास का केंद्र: पैर, टाँगें और आपके नीचे का फ़र्श — खड़े होकर किए जाने वाले और ग्राउंडिंग अभ्यास।

स्वाधिष्ठान चक्र (Svadhisthana): 6-petalled lotus, bija VAM (वं)

2. स्वाधिष्ठान चक्र

Svādhiṣṭhāna · स्वयं का निवास

स्थान
पेट का निचला भाग, नाभि के नीचे
तत्व
जल
रंग
नारंगी
बीज मंत्र
वं VAM (वं)
पंखुड़ियाँ
6
इंद्रिय
स्वाद
संबंधित गुण
रचनात्मकता, प्रवाह, आनंद

अभ्यास का केंद्र: कूल्हे और श्रोणि — कूल्हे खोलने वाले आसन और प्रवाहमय गति।

मणिपुर चक्र (सोलर प्लेक्सस) (Manipura): 10-petalled lotus, bija RAM (रं)

3. मणिपुर चक्र (सोलर प्लेक्सस)

Maṇipūra · मणियों का नगर

स्थान
नाभि, सोलर प्लेक्सस
तत्व
अग्नि
रंग
पीला
बीज मंत्र
रं RAM (रं)
पंखुड़ियाँ
10
इंद्रिय
दृष्टि
संबंधित गुण
इच्छाशक्ति, आत्मविश्वास, पाचन

अभ्यास का केंद्र: कोर और पेट — मरोड़ वाले आसन, नौकासन और ऊष्मा देने वाला प्राणायाम।

अनाहत चक्र (हृदय चक्र) (Anahata): 12-petalled lotus, bija YAM (यं)

4. अनाहत चक्र (हृदय चक्र)

Anāhata · बिना आघात के उत्पन्न (ध्वनि)

स्थान
छाती का मध्य
तत्व
वायु
रंग
हरा
बीज मंत्र
यं YAM (यं)
पंखुड़ियाँ
12
इंद्रिय
स्पर्श
संबंधित गुण
करुणा, खुलापन, जुड़ाव

अभ्यास का केंद्र: छाती और ऊपरी पीठ — पीछे झुकने वाले आसन और छाती खोलने वाले आसन।

विशुद्ध चक्र (कंठ चक्र) (Vishuddha): 16-petalled lotus, bija HAM (हं)

5. विशुद्ध चक्र (कंठ चक्र)

Viśuddha · विशेष रूप से शुद्ध

स्थान
कंठ (गला)
तत्व
आकाश (ईथर)
रंग
नीला
बीज मंत्र
हं HAM (हं)
पंखुड़ियाँ
16
इंद्रिय
श्रवण
संबंधित गुण
अभिव्यक्ति, सत्य, सुनना

अभ्यास का केंद्र: गर्दन और गला — सर्वांगासन, मत्स्यासन, भ्रामरी और स्वर के साथ श्वास।

आज्ञा चक्र (तीसरी आँख) (Ajna): 2-petalled lotus, bija OM (ॐ)

6. आज्ञा चक्र (तीसरी आँख)

Ājñā · आदेश, बोध करना

स्थान
भौंहों के बीच
तत्व
प्रकाश / मन (पाँच तत्वों से परे)
रंग
गहरा नीला (नील)
बीज मंत्र
ॐ OM (ॐ)
पंखुड़ियाँ
2
इंद्रिय
मन
संबंधित गुण
अंतर्ज्ञान, एकाग्रता, स्पष्टता

अभ्यास का केंद्र: माथा फ़र्श की ओर और स्थिर दृष्टि — आगे झुकने वाले आसन, बालासन, अनुलोम-विलोम।

सहस्रार चक्र (शीर्ष चक्र) (Sahasrara): 1,000-petalled lotus, bija मौन (या OM)

7. सहस्रार चक्र (शीर्ष चक्र)

Sahasrāra · सहस्र पंखुड़ियों वाला

स्थान
सिर का शीर्ष
तत्व
चेतना (तत्वों से परे)
रंग
बैंगनी / सफ़ेद
बीज मंत्र
ॐ मौन (या OM)
पंखुड़ियाँ
1,000
इंद्रिय
इंद्रियों से परे
संबंधित गुण
जागरूकता, स्थिरता, समग्र से जुड़ाव

अभ्यास का केंद्र: सिर का शीर्ष फ़र्श पर या उसकी ओर, और बैठकर स्थिरता — अनुभवी लोगों के लिए शीर्षासन, सभी के लिए ध्यान का आसन।

त्वरित जाँच: क्या आप चक्रों को जानते हैं?

सात चक्र कौन से हैं?

मूल से शीर्ष तक: मूल चक्र (मूलाधार) (Muladhara), स्वाधिष्ठान चक्र (Svadhisthana), मणिपुर चक्र (सोलर प्लेक्सस) (Manipura), अनाहत चक्र (हृदय चक्र) (Anahata), विशुद्ध चक्र (कंठ चक्र) (Vishuddha), आज्ञा चक्र (तीसरी आँख) (Ajna), सहस्रार चक्र (शीर्ष चक्र) (Sahasrara)।

मूल चक्र (मूलाधार) कहाँ है?

मूल चक्र (मूलाधार) (Muladhara) रीढ़ का आधार, मूलाधार क्षेत्र (पेरिनियम) पर स्थित है। इसका तत्व पृथ्वी है, रंग लाल है और बीज मंत्र LAM (लं) है।

स्वाधिष्ठान चक्र कहाँ है?

स्वाधिष्ठान चक्र (Svadhisthana) पेट का निचला भाग, नाभि के नीचे पर स्थित है। इसका तत्व जल है, रंग नारंगी है और बीज मंत्र VAM (वं) है।

मणिपुर चक्र (सोलर प्लेक्सस) कहाँ है?

मणिपुर चक्र (सोलर प्लेक्सस) (Manipura) नाभि, सोलर प्लेक्सस पर स्थित है। इसका तत्व अग्नि है, रंग पीला है और बीज मंत्र RAM (रं) है।

अनाहत चक्र (हृदय चक्र) कहाँ है?

अनाहत चक्र (हृदय चक्र) (Anahata) छाती का मध्य पर स्थित है। इसका तत्व वायु है, रंग हरा है और बीज मंत्र YAM (यं) है।

चक्रों के रंग क्रम से क्या हैं?

मूलाधार लाल, स्वाधिष्ठान नारंगी, मणिपुर पीला, अनाहत हरा, विशुद्ध नीला, आज्ञा गहरा नीला (नील), सहस्रार बैंगनी या सफ़ेद — यह आधुनिक इंद्रधनुष परिपाटी है, शास्त्रीय नहीं।

ईमानदार टिप्पणी: चक्र योग परंपरा का एक नक्शा हैं, शारीरिक संरचना की खोज नहीं, और इसका कोई नैदानिक प्रमाण नहीं है कि कोई आसन या श्वास किसी चक्र को "खोलता" है। यह नक्शा शरीर के क्षेत्र और ध्यान के आधार पर अभ्यास को व्यवस्थित करने के काम आता है — यहाँ इसका यही उपयोग किया गया है।
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